रेखाचित्र : परिभाषा एवं हिंदी रेखाचित्र लेखन परंपरा
1. रेखाचित्र किसे कहते हैं?
‘रेखाचित्र’ शब्द ‘रेखा’ और ‘चित्र’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है—रेखाओं के माध्यम से किसी व्यक्ति या वस्तु का चित्र बनाना। साहित्य में रेखाचित्र वह गद्य-विधा है जिसमें लेखक किसी व्यक्ति, चरित्र या घटना का संक्षिप्त, सजीव और प्रभावपूर्ण चित्र प्रस्तुत करता है।
यह चित्रण इतना स्पष्ट और सजीव होता है कि पाठक के सामने उस व्यक्ति का व्यक्तित्व जैसे उभर आता है। इसमें बाह्य रूप, स्वभाव, आदतें, विशेष गुण और वातावरण का संक्षिप्त किन्तु प्रभावी वर्णन किया जाता है।
रेखाचित्र की प्रमुख विशेषताएँ
संक्षिप्तता और सजीवता
चित्रात्मकता
व्यक्ति-केन्द्रित वर्णन
प्रभावशील भाषा-शैली
भावात्मकता और यथार्थ का संतुलन
रेखाचित्र आत्मकथा या संस्मरण से भिन्न है, क्योंकि इसमें पूरे जीवन का वर्णन नहीं होता, बल्कि किसी एक व्यक्तित्व की प्रमुख रेखाओं को उकेरा जाता है।
2. हिंदी रेखाचित्र लेखन परंपरा
हिंदी साहित्य में रेखाचित्र लेखन का विकास आधुनिक काल में हुआ। विशेष रूप से द्विवेदी युग और छायावादोत्तर काल में यह विधा परिपक्व रूप में सामने आई।
(क) प्रारंभिक चरण
द्विवेदी युग में निबंध लेखन के साथ-साथ व्यक्तित्व-चित्रण की प्रवृत्ति विकसित हुई, जो आगे चलकर रेखाचित्र के रूप में स्थापित हुई।
(ख) छायावाद एवं छायावादोत्तर काल
इस काल में रेखाचित्र लेखन को विशेष पहचान मिली।
महादेवी वर्मा हिंदी रेखाचित्र लेखन की प्रमुख हस्ती हैं। उनकी कृतियाँ ‘अतीत के चलचित्र’ और ‘स्मृति की रेखाएँ’ अत्यंत प्रसिद्ध हैं, जिनमें उन्होंने अपने समकालीनों और परिचित व्यक्तियों का मार्मिक चित्रण किया।
रामवृक्ष बेनीपुरी ने भी अनेक प्रभावशाली रेखाचित्र लिखे, जिनमें ग्रामीण जीवन और व्यक्तित्वों की सजीव झलक मिलती है।
हरिशंकर परसाई ने व्यंग्यात्मक शैली में व्यक्तियों का रेखाचित्र प्रस्तुत किया।
(ग) समकालीन रेखाचित्र
आधुनिक हिंदी साहित्य में रेखाचित्र लेखन विविध विषयों पर केंद्रित है—साहित्यकार, राजनेता, समाजसेवी, साधारण व्यक्ति आदि। भाषा अधिक सरल और यथार्थपरक हो गई है।
3. रेखाचित्र का महत्व
व्यक्तित्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।
किसी युग की सामाजिक-सांस्कृतिक झलक देता है।
पाठक के मन में स्थायी प्रभाव उत्पन्न करता है।
साहित्य में चरित्र-चित्रण की कला को विकसित करता है।
निष्कर्ष
अतः रेखाचित्र हिंदी गद्य की एक महत्वपूर्ण विधा है, जिसमें किसी व्यक्ति या चरित्र की प्रमुख विशेषताओं को संक्षिप्त, सजीव और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाता है। आधुनिक हिंदी साहित्य में इस विधा को विशेष प्रतिष्ठा प्राप्त है और यह आज भी लोकप्रिय है।
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